डिब्रूगढ़ः नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कहीं खुशी है तो कही इसका जोरों सो विरोध किया जा रहा है. उत्तर भारत में इस बिल का काफी विरोध देखा जा सकता है. नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर में बड़े पैमाने पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित आवास पर बुधवार की रात पथराव किया गया. डिब्रूगढ़ के उपायुक्त पल्लव गोपाल झा ने कहा कि मुख्यमंत्री के लखीनगर इलाके में बने घर पर पत्थर फेंके गए.

घर के एक रखवाले ने बताया कि पथराव में कुछ खिड़कियां टूट गईं. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक प्रशांत फुकान और पार्टी नेता सुभाष दत्ता के घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इससे पहले दोपहर में प्रदर्शनों के चलते सोनोवाल गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कुछ समय के लिए फंस गए थे.

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इसके अलावा असम के ही दुलियाजन में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली के घर पर हमला किया और संपत्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. सेना के पीआरओ लेफ्टिनेंट पी खोंगसाई ने बताया कि गुवाहाटी में सेना की दो टुकड़ियों को तैनात किया गया है और वे फ्लैग मार्च कर रहे हैं.

असम के गुवाहाटी और जोरहाट में सेना को बुला लिया गया है, जबकि त्रिपुरा में असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच असम के 10 जिलों में बुधवार की शाम सात बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी राज्य सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शांति भंग करने के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं को स्थगित रखा जायेगा.

शुरूआत में असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने बताया था कि कर्फ्यू बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे तक प्रभावी रहेगा. हालांकि उन्होंने बाद में बताया कि कर्फ्यू अनिश्चिकाल के लिए बढ़ा दिया गया है.