नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि देश में मूत्र से यूरिया निर्माण होना चाहिए. अगर ऐसा होता है तो हमें उर्वरक आयात की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. वरिष्ठ मंत्री ने कहा, ‘मैंने हवाई अड्डों पर मूत्र को एकत्र करने को कहा है. हम यूरिया आयात करते हैं, लेकिन अगर हम पूरे देश में मूत्र इकट्ठा करना प्रारंभ कर दें तो हमें यूरिया के आयात की आवश्यकता ही नहीं होगी. इसमें इतनी क्षमता है और कुछ भी नष्ट नहीं होगा.

नागपुर नगर निगम के मेयर इनोवेशन अवाडर्स कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने एक मिसाल देते हुए कहा कि किस प्रकार प्राकृतिक कचरे से बायो-ईंधन बनाया गया. उन्होंने कहा कि यहां तक कि मानव मूत्र जैव-ईंधन बनाने में लाभप्रद हो सकता है और इसका प्रयोग अमोनियम सल्फेट और नाइट्रोजन प्राप्त करने में किया जा सकता है.

वहीं एक अन्य कार्यक्रम में गडकरी ने ऐलान किया कि बुंदेलखंड की सिंचाई और पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. गडकरी ने 616 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद कहा, ‘बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल की बहुत बड़ी समस्या है. इसे दूर करने के लिए हमारी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इनमें केन-बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना प्रमुख है. इसकी सभी तैयारियां लगभग पूरी चुकी हैं.

उन्होंने कहा कि हमारे देश में पानी की कोई कमी नहीं है. बस नियोजन की कमी है. उसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे. जलमार्ग के लिए नये-नये तरीकों के बारे में बताते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क की अपेक्षा जल मार्ग से मात्र 10 फीसदी खर्च में ही परिवहन किया जा सकता है.