नई दिल्‍ली: भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा शहीद हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान देने के बाद सियासत में भूचाल आ गया है. कांग्रेस सहित लोगों द्वारा इसकी आलोचना की जा रही है, वहीं बीजेपी ने खुद को साध्वी के बयान से अलग कर लिया है. आईपीएस असोसिएशन ने हेमंत करकरे की शहादत को देश के लिए महान कुर्बानी बताया है.

26/11 मुंबई आतंकी हमला एक ऐसा आतंकी हमला था, जिसे याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं. कुछ आतंकियों ने अलग जगहों पर हमला किया. 60 घंटे तक संघर्ष होता रहा. गोलियां चलीं, धमाके हुए, ग्रेनेड से हमले हुए. आग लगी. इसमें कुल 164 लोगों की जान गई. और एटीएस चीफ हेमंत करकरे के साथ ही एसीपी अशोक काम्टे और इंस्पेक्टर विजय सालस्कर शहीद हो गए थे. उन पर आतंकियों ने मुठभेड़ के दौरान ग्रेनेड से हमला कर दिया. इसी में इनकी जान गई. हेमंत करकरे ही वह शख्स हैं, जिनकी कोशिशों के बाद आतंकी अजमल कसाब को ज़िंदा पकड़ा गया और बाद में उसे फांसी दे दी गई. हेमंत करकरे को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था.

शहीद हेमंत करकरे का जन्म 12 दिसंबर, 1954 को करहड़े ब्राह्मण परिवार में हुआ था. हेमंत करकरे ने 1975 में विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नागपुर से मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने हिंदुस्तान यूनीलिवर कंपनी में भी नौकरी की थी. हेमंत करकरे 1982 में IPS अधिकारी बने. 2008 में उन्‍हें महाराष्ट्र के एंटी टेररिस्‍ट स्‍क्‍वाड यानी एटीएस का चीफ बनाया गया था. वह इससे पहले मुंबई पुलिस के कमिश्‍नर (एडमिनिस्‍ट्रेशन) भी रहे.

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– नॉरकोटिक्स विभाग में तैनाती के दौरान उन्होंने पहली बार विदेशी ड्रग्स माफिया को गिरगांव चौपाटी के पास मार गिराया था. यहां से उन्‍हें ख्‍याति मिली थी. हेमंत ने भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के साथ भी काम किया था. वह ऑस्ट्रिया में रॉ अधिकारी के रूप में 7 साल तक तैनात थे. 8 सितंबर, 2006 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच हेमंत करकरे को सौंपी गई थी. उनकी चार्जशीट को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे.

– 26 नवंबर, 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ. हेमंत करकरे उस समय अपने घर पर थे. हमले के बाद वह तुरंत अपने दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे. तभी उनको सूचना मिली कि कॉर्पोरेशन बैंक के एटीएम के पास आतंकी एक लाल रंग की कार के पीछे छिपे हुए हैं. वह तुरंत वहां पहुंचे तो आतंकियों की ओर से फायरिंग होने लगी.

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– इस गोलीबारी का हेमंत करकरे और उनके साथ मौजूद टीम ने जवाब दिया. उनकी ओर से चली एक गोली सीधे आतंकी आमिर अजमल कसाब के कंधे पर लगी. इसके वह गिर पड़ा. उसकी एके-47 भी गिर गई. बाद में उसे पकड़ लिया गया था. इसी गोलीबारी में आतंकियों की गोली लगने से हेमंत करकरे शहीद हो गए थे. उनके अलावा सेना के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, मुंबई पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त अशोक काम्‍टे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय सालस्कर भी इस हमले में शहीद हुए थे.

– शहीद हेमंत करकरे को 26 नवंबर, 2009 भारत सरकार की ओर से मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्‍मानित किया गया था.