लंबे समय से भारत आने की आस और उन सपनों में तब नई जान आ गई जब गीता ने भारत के जमीन पर अपना पहला कदम रखा। कई दिनों से लगातार केंद्र की सरकार लगातार गीता को भारत लाने का प्रयास कर रही थी जो की आज सफल हो गया। भारत लौटेने के मूक बधिर गीता के चेहरे की मुस्कराहट उसके ख़ुशी को बयान कर रही थी। गीता ने एक टक नजर से पहले भारत को निहारा और मुस्कराने लगी। एअरपोर्ट पर गीता का स्वागत करने के लिए बिहार से उसके परिवार के लोग भी पहुंचे।

आप को बता दें की तकरीबन एक दशक पहले गीता भारत से बहक के पाकिस्तान चली गई थी। गीता के स्वागत करने के लिए एअरपोर्ट पर पाकिस्तानी उच्चायोग के मीडिया सलाहकार मंजूर मेमन ने कहा, ‘गीता का मामला भारत पाकिस्तान के लोगों की आपसी आत्मीयता दिखाता है और उम्मीद भी जताया की आने वाले समय में भारत के जेल में बंद कैदियों के प्रति भारत भी इसी तरह का नरम रुख करे। वहीं सुषमा स्वराज ने कहा की भारत की बेटी अपने वतन वापस पहुंच गई। गीता का एअरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया।

आज सुबह ही गीता पाकिस्तान से निकली थी और दिल्ली में उनकी फ्लाइट ने 10 बजकर 20 मिनट पर लैंड किया। गीता ने पाकिस्तान की जनता का तहे दिल से अपने अंदाज़ में शुक्रिया अदा किया। वहीं पाकिस्तान में गीता के लिए मदद और ख्याल रखने वाली एदी फाउंडेशन के फैजल ने कहा की गीता उसने अलग नही हो रही है और गीता हमेशा हम सब के दिल में रहेगी। फिलहाल अभी बिहार के जिस परिवार ने गीता को अपना बतया है उनका डीएनए टेस्ट किया जाएगा अगर मैच हुआ तो गीता को उन्हें सौंप दिया जाएगा।