नई दिल्ली: किसानों और छोटे व मध्यम कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने तारीफ़ की है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में पहली बार सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था की है. ‘पीएम स्वनिधि’ योजना (PM Swanidhi Yojna) से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा. इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatmnirbhar Bharat Abhiyan) को गति देंगे.Also Read - केरल में कोरोना वायरस के 23,676 नए मामले आए, 148 और मौतें हुईं

पीएम मोदी ने कहा कि ‘जय किसान’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने अन्नदाताओं के हक में बड़े फैसले किए हैं. इनमें खरीफ की 14 फसलों के लिए लागत का कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी देना सुनिश्चित किया गया है. साथ ही 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है. Also Read - गुजरात में कोरोना वायरस के 17 नए मामले, किसी भी मरीज ने नहीं तोड़ा दम

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए हमने न केवल MSMEs सेक्टर की परिभाषा बदली है, बल्कि इसमें नई जान फूंकने के लिए कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है. इससे संकटग्रस्त छोटे और मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा, साथ ही रोजगार के अपार अवसर सृजित होंगे. Also Read - इस राज्य में 24 घंटे का कोरोना कर्फ्यू हटाया गया, कई बंद इलाके खोले गए

बता दें कि आज ही कैबिनेट मीटिंग में किसानों की खरीफ की 14 फसलों का समर्थन 50 से 83 प्रतिशत बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही किसानों द्वारा कृषि कार्य द्वारा लिए गए तीन लाख रुपए तक के लोन के वापसी वहीं, MSME के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपए दिए जाने का प्रावधान किया है.