नई दिल्ली: किसानों और छोटे व मध्यम कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने तारीफ़ की है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में पहली बार सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था की है. ‘पीएम स्वनिधि’ योजना (PM Swanidhi Yojna) से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा. इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatmnirbhar Bharat Abhiyan) को गति देंगे. Also Read - Corona Virus in Bihar: बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 16 हज़ार पार, इन जिलों का बुरा है हाल

पीएम मोदी ने कहा कि ‘जय किसान’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने अन्नदाताओं के हक में बड़े फैसले किए हैं. इनमें खरीफ की 14 फसलों के लिए लागत का कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी देना सुनिश्चित किया गया है. साथ ही 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है. Also Read - महाराष्ट्र: ठाणे के इस शहर में कोरोना का कहर जारी, एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए हमने न केवल MSMEs सेक्टर की परिभाषा बदली है, बल्कि इसमें नई जान फूंकने के लिए कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है. इससे संकटग्रस्त छोटे और मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा, साथ ही रोजगार के अपार अवसर सृजित होंगे. Also Read - Weekends Lockdown in Uttar Pradesh: यूपी में हर हफ्ते 55 घंटे के लॉकडाउन में होंगे ये काम, आप क्या करें, क्या नहीं, जानें

बता दें कि आज ही कैबिनेट मीटिंग में किसानों की खरीफ की 14 फसलों का समर्थन 50 से 83 प्रतिशत बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही किसानों द्वारा कृषि कार्य द्वारा लिए गए तीन लाख रुपए तक के लोन के वापसी वहीं, MSME के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपए दिए जाने का प्रावधान किया है.