अमृतसर: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस के गिरफ्त में है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश में रविवार को कोविड-19 के मामले बढ़कर 1024 हो गए और मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है. ऐसे में एक अस्पताल की 26 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर ने रविवार को दावा किया कि वह कोविड-19 संबंधी जांच कराने के लिए पिछले तीन दिन से संघर्ष कर रही है लेकिन उसकी जांच करने से यह कह कर इनकार कर दिया गया कि उसमें रोग के कोई लक्षण नहीं दिख रहे. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

परमिंदर कौर ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी हालत अच्छी नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें तेज बुखार, सीने में दर्द, खांसी , चक्कर आना और कोविड-19 संक्रमण जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं. परमिंदर कौर ने कहा कि उसने गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में प्राधिकारियों से उसकी कोरोना वायरस संबंधी जांच करने को कहा लेकिन उन्होंने ‘‘कुछ और वक्त इंतजार करने की’’ सलाह देकर इनकार कर दिया. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 3,000 की मौत, मामले 83,000 के करीब पहुंचे

उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को रविवार को इस बारे में ट्वीट किया. परमिंदर ने कहा, ‘‘कुछ घंटों बाद मुझे मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और उन्होंने मुझे जांच कराने के लिए अस्पताल जाने को कहा.’’ Also Read - वैज्ञानिकों ने किया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का विश्लेषण, कोरोना मरीजों के इलाज में नहीं दिखा इस दवा का खास फायदा

उन्होंने कहा कि लेकिन पृथक कक्ष में चिकित्सकों ने पहले मुझे अस्पताल में भर्ती होने को कहा. परमिंदर ने कहा, ‘‘इस कक्ष में कोविड-19 से संक्रमित दो लोग हैं. यदि मैं वहां जाती हूं और मैं संक्रमित नहीं हूं तो मुझे संक्रमण हो सकता है.’’

बता दें कि मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 901 है जबकि 95 लोग या तो ठीक हो गए या उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई और एक व्यक्ति देश के बाहर चला गया.