नई दिल्ली: महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध को रोकने के लिए पहली बार चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (Chandigarh University) के पाँच छात्रों के एक समूह ने एक बेल्ट का आविष्कार किया, जिसका नाम है ‘Queen Belt’. इस बेल्ट की मदद से महिलाओं के साथ होने वाले जघन्य अपराधों को भी कम किया जा सकेगा. Queen Belt इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और GPS से लैस है. यह बेल्ट लड़कियों के साथ होने वाले रेप की घटना के दौरान परिवारों और आपातकालीन संपर्क को सिग्नल भेजता है. Also Read - Pranab Mukherjee: Take an oath to protect women

इस बेल्ट की खासियत

बेल्ट एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट से लैस है, जिसमें एक ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और एक मोबाइल सिम कार्ड है. इसे कपड़े के अंदर एक प्रवाहकीय टेप (Conductive tape) लगाने के बाद पहना जा सकता है और केवल चार अंकों के पिन की मदद से खोला जा सकता है. यदि कोई इसे जबरदस्ती खोलने की कोशिश करता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से परिवार के सदस्यों और पुलिस को एक संदेश भेजता है. Queen Belt में एक चार्जेबल बैटरी और इसकी लाइफ एक महीने का है.

स्मार्ट बेल्ट का आविष्कार करने वाले छात्रों में से एक जवतेश सिंह ने कहा कि उन्हें डिवाइस का पेटेंट मिल गया है और इसके कॉमर्शियल सेलिंग के लिए काम कर रहे हैं. क्वीन बेल्ट एक स्मार्ट सुरक्षा बेल्ट है जो महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करती है. यह महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसी घटना में तुरंत परिजनों और आपातकालीन संपर्क को सिग्नल भेजता है.

कैसे काम करेगी यह सुरक्षा बेल्ट

सुरक्षा बेल्ट कैसे कार्य करेगा, इस बारे में बताते हुए सिंह ने कहा कि आपातकालीन संपर्क पीड़ित व्यक्ति के स्थान को GPS ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से प्रेषित करता है, जिसे मोबाइल ऐप का उपयोग करके ट्रैक किया जा सकता है. उन्होंने ने आगे इस पर बात करते हुए कहा कि जब कोई भी बेल्ट को जबरदस्ती काटने की कोशिश करता है, तो स्वचालित रूप से एक SMS आपातकालीन संपर्क को भेजा जाएगा. यह बलात्कार के मामलों को कम करने में मदद में भी मदद करेगा.