नई दिल्ली. ऐसे वक्त में जब देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वेबसाइट लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी नहीं खोली जा सकी, एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि भारत की 84 फीसदी राजनीतिक वेबसाइटें असुरक्षित हैं. ब्रिटेन की कस्टमर टेक रिव्यू कंपनी कंपेरीटेक के शोध के अनुसार, जहां एक-चौथाई राजनेताओं की खुद की वेबसाइटें हैं, उनमें से 83.87 प्रतिशत असुरक्षित हैं. बता दें कि BJP की वेबसाइट एक दिन पहले कथित तौर पर हैकिंग के प्रयास के बाद बुधवार को भी ‘मेनटेनैंस मोड’ पर रही. बुधवार को जब वेबसाइट पर पहुंचने का प्रयास किया गया तब भी वहीं संदेश दिखा, जो मंगलवार को स्क्रीन पर आ रहा था. संदेश में लिखा था, “हम जल्द ही लौटेंगे. असुविधा के लिए खेद है, लेकिन इस क्षण कुछ मेनटेनेंस का काम चल रहा है. हम जल्द ही ऑनलाइन होंगे.” भाजपा की वेबसाइट हैक होने के बाद आई यह रिपोर्ट निश्चित रूप से चौंकाने वाली है.

कंपेरीटेक की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े राजनीतिक दलों में से एक शिव सेना (89 प्रतिशत) का प्रदर्शन सबसे खराब है, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (74 प्रतिशत) का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ है. आंकड़ों के अनुसार, भाजपा सदस्य अपनी 84.62 प्रतिशत वेबसाइटों को सुरक्षित करने में असफल रहे हैं. अध्ययन के लिए, कंपेरीटेक ने दुनियाभर के 37 देशों के 7,500 से ज्यादा राजनेताओं की वेबसाइटें एसेस कीं. इन वेबसाइटों में प्रति पांच नेताओं में से तीन वेबसाइटों में मूल एचटीटीपीएस (हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर) एनक्रिप्शन की कमी थी.

कंपनी के शोधकर्ताओं ने पाया कि विकासशील देश (74.98 प्रतिशत) के नेताओं की वेबसाइटों के एचटीटीपीएस के बिना होने की संभावना विकसित देशों (64.46 प्रतिशत) की अपेक्षा ज्यादा होती है. जहां अमेरिका में 26.22 प्रतिशत नेताओं की वेबसाइटें असुरक्षित हैं वहीं ब्रिटेन में 30.65 प्रतिशत नेताओं की वेबसाइटें असुरक्षित हैं. दुनिया में असुरक्षित वेबसाइटों वाले सर्वाधिक 92 प्रतिशत नेताओं वाला देश दक्षिण कोरिया है. इसके बाद पोलैंड (91.16 प्रतिशत), हंगरी (90.91 प्रतिशत), कनाडा (86.25 प्रतिशत) और माल्टा (86.21 प्रतिशत) व अन्य देश हैं.

(इनपुट – एजेंसी)