नई दिल्ली। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ईडी के वरिष्ठ अधिकारी राजेश्वर सिंह से संबंधित एक मामले में सरकार द्वारा सीलबंद लिफाफे में पेश किए गए दस्तावेज माइक्रो – ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर उपलब्ध है. जस्टिस अरूण मिश्र और न्यायमूर्ति एस के कौल की अवकाशकालीन पीठ ने इस संबंध में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि सिंह के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर गौर करने के लिए सरकार स्वतंत्र है. इस पर स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दस्तावेज को ट्विटर पर डाल दिया गया है.Also Read - PM मोदी ने सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण, कहा- 'आजादी के बाद की गलतियों को अब देश सुधार रहा'

इस पर पीठ ने कहा कि इसे (दस्तावेज को) ट्विटर पर नहीं डाला जाना चाहिए था. इसे सार्वजनिक मंच पर नहीं डाला जाना चाहिए था. न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि आजकल सबकुछ ट्विटर पर उपलब्ध है. Also Read - IAS Cadre Rules में बदलाव करने जा रही मोदी सरकार, जानें इससे क्या फर्क पड़ेगा, जिसका विरोध हो रहा है

Also Read - Netaji Subhash Chandra Bose की प्रतिमा के होलोग्राम का PM Modi आज करेंगे अनावरण, जानें क्या होगा खास

आदेश सुनाये जाने के बाद स्वामी ने कहा कि वह फैसले से खुश हैं. इसके बाद स्वामी ने अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन कर उन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया. उनके मुताबिक केंद्र ने उसी दस्तावेज को सीलबंद लिफाफे में शीर्ष न्यायालय में प्रस्तुत किया था. स्वामी ने कहा कि मुझे हैरत हुई कि मैं ईडी अधिकारी के बचाव में था लेकिन एएसजी विक्रमजीत बनर्जी अदालत में आए और मेरे और सरकार के खिलाफ ही लड़ने लगे. पीएण मोदी के खिलाफ साजिश चल रही है और मैं इसका खुलासा करूंगा.