Jharkhand Assembly Election: झारखंड विधानसभा चुनाव की मतगणना अभी जारी है. दोपहर के रुझानों तक भाजपा पिछड़ती नजर आ रही है. वहीं कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन सरकार बनाने के करीब है. जो भी हो… इस चुनाव में एक शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. पिछले करीब दो दशक से राज्य की राजनीति के केंद्र रहा ये युवा नेता इस बार लगता है कि आवाम की नब्ज पकड़ने में चूक गया है. जी हां… हम बात कर रहे हैं आजसू प्रमुख सुदेश महतो की. हाल तक रघुवर सरकार में भाजपा के साथी रहे सुदेश ने इस चुनाव में अकेले उतरने का निर्णय किया.

उनकी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन चार सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. सुदेश महतो ने राजनीति में एक लंबा समय बिताया है और वो झारखंड के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. 25 साल की उम्र में उन्होंने साल 2000 में पहला चुनाव जीता था. झारखंड के गठन के बाद बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बनी पहली भाजपा सरकार में वह सड़क निर्माण मंत्री बने थे.

उन्होंने 29 दिसंबर 2009 को झारखंड राज्य के उप मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला. वह लगातार तीन बार साल 2000, 2005, 2009 के लिए सिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के विधायक भी रहे. निर्मल महतो द्वारा स्थापित की गई All Jharkhand Students Union के अध्यक्षता सुदेश महतो के जिम्मे है.

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सुदेश महतो के बारे में कहा जाता है कि वो अपने क्षेत्र के लोगों के साथ भावनात्मक संबंध रखते हैं. उन्होंने झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिजनों के साथ मुलाकात किया है. झारखंड की पहचान और इतिहास को संरक्षित करने के लिए महतो ने बिरसा मुंडा की एक प्रतिमा बनाने की घोषणा की थी, जिसे उलगुलान की प्रतिमा के रूप में जाना जाएगा.

सुदेश महतो एक स्पोर्ट्स पर्सन हैं और नियमित रूप से फुटबॉल खेलते हैं. वो सिल्ली में बिरसा मुंडा तीरंदाजी अकादमी भी चलाते हैं  जिसे 2016 में राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था. इस अकादमी ने भारत के लिए एशियाड ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ी मधुमिता कुमारी का उत्पादन किया था.