नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा के पास गाजीपुर पहुंचकर किसानों को अपना समर्थन दिया. अकाली दल ने विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए से नाता तोड़ लिया है.Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

बादल के आगमन से पहले, भारत किसान संघ के नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की कि किसी भी राजनेताओं को मुख्य मंच पर बोलने के लिए माइक्रोफोन नहीं दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक नेताओं को मंच का इस्तेमाल करने और प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने की अनुमति देने पर नोटिस प्राप्त हुआ है. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

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बादल ने प्रदर्शन स्थल के पास दस मिनट के लिए टिकैत से मुलाकात की, और प्रदर्शनकारी किसानों को समर्थन का आश्वासन दिया. बादल के अलावा, प्रमुख पंजाबी गायक हर्ष चीमा और करविंदर गढ़वाल भी उनके समर्थन में सामने आए.

दूसरे सबसे बड़े विरोध स्थल पर यह आंदोलन 67वें दिन में प्रवेश कर गया है. दिल्ली से जुड़े इस इलाके में किसान राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए ‘जय किसान, जय जवान’ के नारे लगाते देखे जा सकते हैं. साथ ही किसानों की भीड़ भी बढ़ गई है.

रविवार को ही, इससे पहले टिकैत ने  कहा, “हम दबाव में समझौता नहीं करेंगे. गिरफ्तार किए गए हमारे किसान भाइयों को रिहा कर दिया जाए और चीजें सुव्यवस्थित हो जाएंगी, तब हम सरकार से बात करेंगे.”