नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को नयी पीढ़ी की विकिरण रोधी यानी एंटी-रेडिएशन मिसाइल ‘रुद्रम’ का सफल परीक्षण किया जो भारतीय वायु सेना के रणनीतिक अस्त्र-शस्त्र भंडार में शामिल होगी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. भारत की पहली स्वदेश निर्मित विकिरण रोधी मिसाइल रुद्रम-1 की गति मैक दो या ध्वनि की गति से दोगुनी है. Also Read - Air Force Day 2020: आसमान में राफेल और तेजस की गरजन- हम किसी से कम नहीं

मिसाइल अब वायु सेना में शामिल होने के लिए तैयार है इसे सुखोई लड़ाकू विमानों के साथ जोड़ा जाएगा. जी हां, भारत ने एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-1 के सफल परीक्षण के बाद इसे भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमान में लैस किया है. बता दें कि अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे ओडिशा के बालासोर में एकीकृत परीक्षण रेंज से मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण किया गया. Also Read - IAF DAY 2020: राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया दमखम, जैगुआर-चिनूक की गर्जना से गूंजा आसमान, देखें PHOTOS

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘‘नयी पीढ़ी की विकिरण रोधी मिसाइल (रुद्रम-1) भारत की पहली स्वदेश निर्मित विकिरण रोधी मिसाइल है जिसे डीआरडीओ ने वायु सेना के लिए विकसित किया है. इसका सफल परीक्षण आज बालासोर में आईटीआर से किया गया. डीआरडीओ और अन्य संबंधित हितधारकों को इस प्रशंसनीय उपलब्धि के लिए बधाई.’’

भारतीय वायु सेना ने पिछले साल मई में एक सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस मिसाइल के आकाशीय संस्करण का सफल परीक्षण किया था.

(इनपुट भाषा)