तंजावुर (तमिलनाडु): भारतीय वायुसेना ने यहां स्थित अपने स्टेशन पर सोमवार को सुखोई-30 एमकेआई का पहला स्क्वाड्रन बेड़े में शामिल किया. इस अत्याधुनिक युद्धक विमान की यहां तैनाती से सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत होगी. यह उन्नत लड़ाकू विमान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें भी ले जाने में सक्षम है. Also Read - फ्रांस के साथ युद्धाभ्यास में भारत की ओर से शामिल होंगे Rafale, सुखोई और मिराज-2000

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत, वायुसेना अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह भदौरिया सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में विमान को तैनात किया गया. आधुनिक तकनीकों से लैस यह विमान सभी मौसम में वृहद-भूमिका निभाने में सक्षम है. Also Read - हिंद महासागर में चीन की खूफिया चाल! इंडोनेशियाई मछुआरे को मिला सबमरीन ड्रोन, सेना कर रही जांच

एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार 222 स्कवाड्रन ‘टाइगरशार्क’ की तैनाती से भारतीय वायुसेना की रक्षा क्षमता बढ़ेगी और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी. विज्ञप्ति के अनुसार सुखोई के यहां तैनात किए जाने से भारतीय द्वीप क्षेत्रों और हिंद महासागर क्षेत्र में संचार की समुद्री लाइनों की भी सुरक्षा हो सकेगी. Also Read - मालाबार नौसैन्य अभ्यास 3 नवंबर से, भारत समेत 4 प्रमुख लोकतंत्र लेंगे हिस्सा

(इनपुट भाषा)