नई दिल्ली। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पीएम मोदी की सीट पर जाकर उनसे गले मिलना और फिर सीट पर लौटकर आंख मारने पर विवाद शुरू हो गया है. इसे लेकर राहुल गांधी अब निशाने पर हैं. बीजेपी ने तो राहुल को निशाने पर लिया ही है, लेकिन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी राहुल को नसीहत देने में कोर कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने राहुल के बर्ताव को अपरिपक्व और संसद की मर्यादा के खिलाफ करार दिया. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

स्पीकर ने राहुल को दी नसीहत

स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, पीएम को गले लगाना और फिर लौटकर आंख चमकाना मर्यादा नहीं है. पीएम पद की एक गरिमा होती है, राहुल गांधी इसको समझें. उनकी बहुत जिंदगी है, उन्हें बहुत आगे जाने है. लेकिन ये उनकी कमजोरी है. हाउस का डेकोरम होता है. सबको भावनाओं का आदर करना चाहिए.

ये समझ लो कि सदन की गरिमा हमें ही रखनी है, कोई बाहर का आकर नहीं रखेगा. एक सांसद के तौर पर हमें अपनी गरिमा भी रखनी है. मैं चाहती हूं कि तुम सब लोग प्रेम से रहो. राहुल जी मेरे दुश्मन नहीं हैं, बेटे जैसे ही लगते हैं. उन्हें अभी बहुत आगे जाना है.

पीएम से जाकर गले मिले राहुल 

बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल ने अपने भाषण में सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. भाषण देने के बाद वह अचानक उठकर पीएम मोदी की कुर्सी तक पहुंचे और उन्हें गले लगा लिया. इस दौरान पीएम सीट पर ही बैठे थे. राहुल के इस बर्ताव से पीएम भी हैरान से दिखे. इसके बाद राहुल वापस अपनी सीट पर चले गए. सीट पर वह बाईं तरफ साथी सांसद को आंख मारते दिखे. इसी बर्ताव को लेकर अब उनकी जमकर आलोचना हो रही है.

अविश्वास प्रस्ताव पर राजनाथ सिंह ने विपक्ष को सुनाई खरी-खरी, दी ये नसीहत

सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आज जबरदस्त हंगामा और ड्रामा देखने को मिला. कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष राहुल गांधी ने हमले की कमान संभाली और कई मुद्दों पर सरकार और पीएम नरेंद्र
मोदी को निशाने पर लिया. राहुल ने राफेल डील से लेकर देश के कई हिस्सों में हो रही हिंसा को लेकर सरकार पर हमला बोला.

विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का फैसला

वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है. बीजेपी का कहना है कि सदन में राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री पर कई अनर्गल और झूठे आरोप लगाए हैं. इसलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का फैसला लिया गया है.