नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में खुद को सम्मन जारी किए जाने के तुरंत बाद कहा कि उनके खिलाफ आरोप निरर्थक और निराधार हैं और ये दुर्भावनापूर्ण और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि वह इनका जोरदार ढंग से सामना करना जारी रखेंगे. थरूर ने एक बयान में कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि अंतत: न्यायिक प्रणाली के जरिए सच सामने आएगा. बता दें कि अदालत ने थरूर को सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मानते हुए केस चलाने को कहा है. Also Read - कैपिटल हिल्स में तिरंगा फहराने पर मचा बवाल, जानें क्यों आपस में भिड़े वरुण गांधी और शशि थरूर

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उन्होंने कहा कि मैं अपनी स्थिति दोहराना चाहूंगा कि आरोप निरर्थक और निराधार हैं और ये दुर्भावनापूर्ण और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित हैं. मैं आरोपों का जोरदार ढंग से सामना करना जारी रखूंगा. मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि अंतत: न्यायिक प्रणाली के जरिए सच सामने आएगा. उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह उनके और उनके परिवार की निजता के अधिकार का सम्मान करे क्योंकि मामला विचाराधीन है.

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थरूर ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सुनवाई की अगली तारीख तक टिप्पणी नहीं करेंगे. कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के इर्द-गिर्द की परिस्थितियों के संबंध में पटियाला हाउस अदालत द्वारा सुने जा रहे मामले में घटनाक्रमों पर ध्यान दिया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरू से ही जांच टीम के साथ पूरा सहयोग किया है.

थरूर की यह टिप्पणी दिल्ली की अदालत द्वारा उन्हें सात जुलाई को तलब किए जाने के तुरंत बाद आई. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने तथा क्रूरता करने के थरूर के कथित अपराधों पर संज्ञान लिया.

अदालत ने कहा, पर्याप्त सबूत मौजूद

न्यायाधीश ने कहा कि मैंने अभियोजक को सुना है. मैंने आरोपपत्र और इसके साथ दायर दस्तावेजों का अध्ययन किया है और इन्हें देखा है. पुलिस रिपोर्ट (आरोपपत्र) के आधार पर मैं डॉ . शशि थरूर द्वारा दिवंगत सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने और उस पर क्रूरता करने के अपराध पर संज्ञान लेता हूं. अदालत ने कहा कि थरूर के खिलाफ धारा 306 और 498 ए के तहत आने वाले अपराधों में मामले पर आगे बढ़ने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं.