नई दिल्ली। सुनंदा पुष्कर की रहस्यमय मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने उनके पति, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर को पत्नी को प्रताड़ित करने और खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी बनाया है. पुलिस ने सोमवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धमेंद्र सिंह के समक्ष आरोप पत्र दायर किया है. इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए ( पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला को प्रताड़ित करना ) और 306 के (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत आरोप शामिल हैं.

थरूर ने चार्जशीट को बताया बेतुका

इस मामले में अगली सुनवाई 24 मई को होगी. उन्हें बिना इजाजत बाहर जाने की मनाही की गई है. पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि हालांकि सुनंदा ने आत्महत्या की लेकिन उन्हें इसके लिए शशि थरूर ने उकसाया. इस आरोप पत्र में थरूर का नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है. सुनंदा चार साल पहले, 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक आलीशान होटल में मृत मिली थीं. वहीं, सुनंदा पुष्कर मामले में शशि थरूर ने कहा कि आरोपपत्र बेतुका है और उन्होंने उसका पूरे जोर – शोर से विरोध करने का मन बना लिया है.

थरूर इस मामले में अकेले आरोपी

थरूर इस मामले में अकेले आरोपी बनाए गए हैं. अपने करीब तीन हजार पन्नों के आरोप पत्र में पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि थरूर अपनी पत्नी से क्रूरता करते थे. पुलिस ने आज मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धमेंद्र सिंह के समक्ष आरोप पत्र दायर किया जो इस पर 24 मई को विचार करेंगे. पुलिस ने अदालत से थरूर को आरोपी के तौर पर समन करने का भी अनुरोध किया है.
सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात दिल्ली के एक लग्जरी होटल के कमरे में मृत पायी गई थीं. कांग्रेस नेता पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए ( पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला को प्रताड़ित करना ) और 306 ( खुदकुशी के लिए उकसाना ) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

सुनंदा मामला : थरूर से आईपीएल मुद्दे पर पूछताछ

आरोप पत्र में कहा गया है कि पुष्कर की मौत थरूर से शादी के तीन साल तीन महीने और 15 दिन बाद हुई थी. थरूर तिरूवनंतपुरम से लोकसभा सांसद हैं. दोनों की शादी 22 अगस्त 2010 को हुई थी. दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 ( हत्या ) के तहत एफआईआर दर्ज की थी.

पिछले महीने एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि पेशवर और वैज्ञानिक जांच फाइनल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. एसआईटी ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत जांच के बाद ड्राफ्ट तैयार कर इसे दिल्ली सरकार के अभियोजन विभाग को कानूनी जांच के लिए भेज दिया गया है. जैसे ही रिपोर्ट को अभियोजन विभाग से मंजूरी मिलती है इसे ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया जाएगा.

स्वामी का निशाना

वहीं, इस मामले में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम ने कहा कि यूपीए सरकार में भ्रष्ट पुरिस ने सभी सबूत और दस्तावेज नष्ट कर दिए. मौजूदा सबूतों के आधार पर यही हो सकता था. ट्रायल के दौरान और भी जानकारियां सामने आएंगी. शशि थरूर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाया.