नई दिल्ली: सुनील अरोड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार रविवार को संभाल लिया. उन्होंने ओपी रावत की जगह ली है जो इस पद पर लगभग एक साल से भी कम समय तक रहने के बाद एक दिसंबर को रिटायर हो गए. अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां उनकी पहली प्राथमिकता है जो कुछ समय बाद ही शुरू होने वाला है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले महीने सुनील अरोड़ा की नियुक्ति को मंजूरी दी थी. अरोड़ा ने ऐसे समय में पदभार संभाला है जब दो राज्यों में 7 दिसंबर को मतदान होने हैं और मध्य प्रदेश में ईवीएम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी. राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के अलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केन्द्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया. इसके अलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवायें दे चुके हैं. वह 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे.

मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से एक दिसंबर को रिटायर होने के बाद ओ. पी रावत ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि नोटबंदी की वजह से चुनाव में ब्लैक मनी को लेकर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. यह पूछे जाने पर चुनावों में ब्लैक मनी एक बड़ा मुद्दा है. नोटबंदी को दो साल हो गए. आपको क्या लगता है कि इसका कितना असर पड़ा है. ओपी रावत ने कहा कि कोई प्रभाव नहीं पड़ा. नोटबंदी के बाद हमने चुनावों में रिकॉर्ड मात्रा में पैसा जब्त किया. यहां तक कि पांच राज्यों में हो रहे चुनावों में चुनाव आयोग अब तक 200 करोड़ रुपए जब्त कर चुका है. इसका मतलब यह हुआ कि चुनावों में प्रभावशाली सोर्स से पैसा आ रहा है. इसलिए नोटबंदी जैसे कदम का कोई असर नहीं हुआ.

ओपी रावत ने ईवीएम की विश्वनीयता पर पूछे गए सवाल पर कहा कि भारत की ईवीएम यूनिक हैं जो इंटरनेट से अटैच नहीं होतीं इसलिए उन्हें हैक करने का सवाल ही पैदा नहीं होता. उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम का सपोर्ट किया है. गौरतलब है कि लगभग एक साल बाद ओपी रावत मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से एक दिसंबर को रिटायर हो गए. चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा देश के अगले मुख्य निर्वाचन आयुक्त होंगे. वह आज पदभार संभालेंगे.