नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि शराब कारोबारी और भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या और उनके परिवार के सदस्यों की कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने विजय माल्या की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फली नरिमन के इस अनुरोध पर विचार किया कि संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई और इससे संबंधित कानून की वैधता के सवाल पर पहले से लंबित याचिका के साथ ही इस नयी याचिका पर भी सुनवाई की जाए.

नरिमन ने संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया. पीठ ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुये कहा कि इस मामले में दो अगस्त को सुनवाई की जाएगी. इस समय ब्रिटेन में रह रहे विजय माल्या पर प्रवर्तन निदेशालय ने बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपए का कर्ज अदा नहीं करने का आरोप लगाया है. विजय माल्या पर इस समय ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की कार्यवाही भी चल रही है.

आपको बता दें कि विजय माल्या को ब्रिटेन की अदालत ने भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के मामले में फैसला सुनाया था. लेकिन माल्या ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी है. ब्रिटेन की अदालत में भारतीय जांच एजेंसियों के बैंक-फ्रॉड और धोखाधड़ी के अन्य मामलों को लेकर विजय माल्या के खिलाफ मामला चल रहा है. भारतीय एजेंसियों ने ब्रिटेन की कोर्ट से माल्या को भारत भेजने की अनुमति देने का आग्रह किया है.