नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा से जुड़े एक ऑडियो क्लिप के मामले की सुनवाई पर सहमति दे दी. इस ऑडियो क्लिप में येदियुरप्पा कथित तौर पर राज्य के कांग्रेस व जद (एस) गठबंधन सरकार के बागी विधायकों का समर्थन करते सुने जा रहे हैं. इन बागी विधायकों के इस्तीफे की वजह से राज्य की एच.डी.कुमारस्वामी की सरकार कुछ महीने पहले गिर गई थी. कांग्रेस की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मामले को न्यायमूर्ति एन.वी.रमना के समक्ष पेश किया, जिस पर न्यायमूर्ति रमना ने मंगलवार को सुनवाई करने की बात कही.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ऑडियो में येदियुरप्पा ने एच.डी.कुमारस्वामी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को गिराने की बात कबूली है. सिब्बल ने निवेदन किया कि ऑडियो क्लिप को कर्नाटक के 17 विधायकों द्वारा विधानसभा में अपनी अयोग्यता को चुनौती दिए जाने वाली याचिका के साथ रिकॉर्ड में लिया जाना चाहिए. शीर्ष अदालत ने इन विधायकों की याचिका पर अपने आदेश को सुरक्षित रखा है.

सिब्बल ने हवाला दिया कि यह उनके तर्क का समर्थन करता है कि 17 विधायकों ने अपने संबंधित पार्टियों से दलबदल कर भाजपा को गले लगाया. जुलाई में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के.आर.रमेश कुमार ने इन विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए उन्हें अयोग्य करार दे दिया था. ये विधायक सदन से 23 जुलाई को गैरहाजिर रहे, जब मुख्यमंत्री कुमास्वामी विश्वास मत प्रस्ताव का सामना कर रहे थे.

बता दें कि कांग्रेस ने एक ऑडियो क्लिप के लीक होने के बाद शनिवार को कर्नाटक की भाजपा सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग की थी. इस ऑडियो क्लिप में मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को कथित तौर पर कांग्रेस-जनता दल (एस) के बागी विधायकों की अयोग्यता और भगवा पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व की कथित संलिप्तता का उल्लेख करते हुए सुना जा सकता है. भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा था कि पार्टी इन ‘नए साक्ष्यों’ के साथ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी.