अब नहीं कटेगा चालान? सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर सुनाया बड़ा फैसला

देश की राजधानी में पुराने वाहन मालिकों के लिए सुप्रीम कोर्ट राहतभर आदेश जारी किया है. दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर...

Written by: Gargi Santosh
Published: August 12, 2025, 4:45 PM IST

राजधानी दिल्ली में पुराने वाहनों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साफ कर दिया – कि अब 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी. अदालत के इस आदेश के बाद अब ऐसे वाहन मालिकों को डरने की जरूरत नहीं है, बशर्ते वे ट्रैफिक नियमों और प्रदूषण मानकों का पालन करें.

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, जस्टिस विनोद के चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन जजों की पीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने आदेश में कहा दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर पहले जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेश का मतलब यह नहीं है कि मालिकों को दंडित किया जाए या उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में वाहन मालिकों के अधिकार और प्रदूषण नियंत्रण दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि कानून का उद्देश्य भी पूरा हो और लोगों को अनावश्यक परेशानियां भी न हों.

पहले नियम क्या थे?

दरअसल, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए पहले 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी लगाई थी. इस नियम के तहत कई वाहनों को जब्त किया गया और मालिकों पर जुर्माना भी लगाया गया. इससे न केवल आम लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि कई बार ऐसे वाहन भी जब्त हुए जो निजी उपयोग में थे और नियमित सर्विस के कारण प्रदूषण मानकों को पूरा कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इन समस्याओं को देखते हुए दिया गया है, जिससे अब लोगों को राहत मिलेगी और वे अपने पुराने वाहन इस्तेमाल कर पाएंगे.

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