Supreme Court Comment on Kisan Andolan: केंद्र सरकार (Union Government) के कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ी टिप्पणी की है. इसे लेकर हलचल मच गई है. वहीं, किसानों के बीच सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी की बड़ी चर्चा हो रही है. अब तक फौरी तौर पर कोई राहत तो नहीं मिली है, लेकिन किसानों (Farmers Protest) को अच्छे की उम्मीद और तसल्ली ज़रूर हुई है.Also Read - Bihar Liquor Ban News: कोर्ट की फटकार के बाद शराबबंदी कानून बदलेगी नीतीश सरकार, जानिए क्या होगा बदलाव

इसे लेकर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कहा है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) ने स्वागत किया है. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के इस मामले का संज्ञान लिया, हम उनका धन्यवाद करते हैं. Also Read - Supreme Court का अहम फैसला-पिता के हिस्से की संपत्ति पर है बेटी का भी पूरा हक, जानिए क्या कहा कोर्ट ने...

राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन (Kisan Andolan) बस इन कानूनों की वापसी का है. हमारी एक लीगल टीम बनी हुई है. उनसे विचार विमर्श कर आगे का कदम उठाएंगे. हालांकि सरकार के साथ आठ दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब किसान संगठनों के साथ अगली वार्ता 15 जनवरी को होने जा रही है. Also Read - NEET UG PG Counselling 2021: सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सुनाया बड़ा फैसला, जानें

किसान संगठनों ने इससे पहले 13 जनवरी को लोहड़ी और 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है. किसान यूनियनों (Kisan Union) के नेता केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) कानून 2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून 2020 को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. केंद्र सरकार ने कहा कि अगर सरकार कानून नहीं रोक रही है, तो वह ही रोक देगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लग नहीं रहा कि सरकार म्ममले को सुलझाने के लिए बातचीत कर रही है. हम सरकार के रवैये से खुश नहीं हैं. जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान होना चाहिए.