नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बेहद ही अहम निर्देश देते हुए साफ कर दिया है कि खाड़ी देशों में NEET परीक्षा का केंद्र नहीं बनाया जाएगा. उच्चतम न्यायालय ने केंद्र के उस निर्देश को पास करने से इनकार कर दिया है जिसमें खाड़ी देशों में NEET परीक्षा का केंद्र बनाने की बात कही गई थी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत छात्रों को भारत लाने पर विचार किया जाए. Also Read - Supreme Court ने कहा-बिहार विधानसभा चुनाव रोकने पर नहीं करेंगे सुनवाई, याचिका खारिज

बता दें कि इससे पहले खाड़ी देशों में नीट का परीक्षा केंद्र बनाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) व मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को जवाब देने के लिए कहा था. कोरोना महामरी के चलते नीट की परीक्षा आयोजन कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इस वर्ष की परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2020 को करने की घोषणा की है. Also Read - Delhi Riots: SC ने फेसबुक इंडिया के VP के खिलाफ 15 अक्टूबर कार्रवाई पर लगाई रोक

इस याचिका में कहा गया था कि सरकार ने 13 सितंबर को प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनके लिए भारत आना उचित नहीं होगा. लिहाजा खाड़ी देशों में ही परीक्षा केंद्र की व्यवस्था करनी चाहिए. हालांकि कोर्ट ने सोमवार को इस याचिका के संबंध में निर्देश देने से इनकार कर दिया और सरकार से कहा है कि वह वंदे भारत मिशन के तहत छात्रों को भारत लाने पर विचार करे. Also Read - NEET Answer Key 2020: NTA इस सप्ताह कभी भी जारी कर सकता है आंसर की, रिजल्ट अक्टूबर के सेकेंड वीक में होगा घोषित, जानें पूरी डिटेल

बता दें कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट स्नातक) का आयोजन सितंबर महीने में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा. उच्चतम न्यायालय ने जेईई (मेन) और नीट स्नातक परीक्षा स्थगित करने का अनुरोध करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था.

वहीं मंत्रालय की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के एक बयान के अनुसार, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा संबंधी जेईई मेन के लिये 6.4 लाख उम्मीदवारों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड किया है. इसमें कहा गया है कि कुल 8,58,273 उम्मीदवारों में से 6,49,223 उम्मीदवारों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिया है.

(इनपुट एजेंसी)