नई दिल्लीः पूरी दुनिया में खतरनाक कोरोना वायरस(Corona Virus) इस समय मौत का खेल खेल रहा है. इस वायरस से संक्रमण के मामले भारत में भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अभी तक इस वायरस के इलाज के लिए किसी भी प्रकार की दवा की खोज नहीं हो पाई है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से निपटने के लिए होम्योपैथी(Homeopathy) और यूनानी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा को अपनाए जाने की माँग को ख़ारिज कर दिया है. इस माँग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.Also Read - Omicron Cases Update: अब महाराष्‍ट्र में मिला ओमीक्रोन का नया केस, देश में अब तक कुल 4 केस

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की तीन सदस्यीय पीठ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चूंकि कोरोना वायरस के इलाज के लिये कोई भी औषधि उपलब्ध नहीं है, इसलिए वैकल्पिक यूनानी और होम्योपैथिक दवाओं से इसके इलाज की संभावना तलाशी जानी चाहिए Also Read - Delhi COVID19 Update: Omicron के भय के बीच दिल्‍ली में कोरोना के 51 नए मामले आए

सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने कहा कि यह नया वायरस है. अभी इस तरह के किसी प्रयोग का आदेश नहीं दिया जा सकता. वैक्सीन बनाने की कोशिश की जा रही है. कोर्ट की तरफ से कहा गया कि यह खतरनाक वायरस है जिसने लाखों लोगों की जान ली है इसलिए इसमें किसी भी तरह का प्रयोग करना उचित नहीं है. Also Read - उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल और रोमांचित होने वाली है एशेज सीरीज: इयान बॉथम

देश के सर्वोच्च न्यायालय(Supreme Court) की तरफ से कहा गया कि हमें अपने वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स पर भरोसा रखना चाहिए. वे जल्द ही इसका कोई न कोई इलाज तलाश लेंगे, लेकिन हमें ऐसी किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचना चाहिए जिससे देश के नागरिकों के स्वास्थ और जान को कोई खतरा हो.

आपको बता दें भारत में अब तक 11439 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जबकि 377 लोगों की मौत हो चुकी है. देश में अब तक 1306 लोग इस वायरस के खिलाफ जंग जीत कर अपने घर भी वापस आ चुके हैं.