नई दिल्ली: जब से देश में कोरोनावायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) शुरू हुआ है तब से ही बाजारों में काफी परिवर्तन देखने को मिला है. ऐसे में लॉकडाउन के बाद से कई राज्यों में शराब की होम डिलीवरी शुरी की गई. अब शराब की होम डिलीवरी (Liquor home delivery) को लेकर दायर एक याचिका पर सु्प्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ी बात कही है. कोर्ट ने कहा कि शराब की होम डिलीवरी कोई इतनी आवश्यक चीज नहीं है जिसके बगैर काम नहीं चल सकता इसलिए इस पर कोर्ट का आदेश देना जरूरी नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से होम डिलीवरी को लेकर याचिका दायर की गई थी. Also Read - Covid Vaccine लेने वाले को कब तक नहीं पीनी चाहिए शराब? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

आपको बता दें कि इससे पहले भी शराब कि दुकानों और उनके होम डिलीवरी को लेकर कई बार सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हो चुकी हैं. इससे पहले मई के महीनें में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा था यह पूरी तरह से राज्य सरकार का मामला है और वह अपनी सुविधा के अनुसार व्यवस्था कर रही हैं. लॉकडान के दौरान शराब की दुकानों को खोलने के खिलाफ में यह याचिका दायर की गई थी. Also Read - मीडिया रिपोर्ट्स पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चुनाव आयोग को दो टूक जवाब- इसके बजाय कुछ बेहतर कर सकते हैं

इस याचिका में दलील दी गई थी कि देश में कोरना का संक्रमण फैल रहा है और शराब के बहाने घरों से बाहर निकल रहे हैं जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं. इसमें कहा गया था कि इससे संक्रमण और तेजी से फैल सकता है. कोर्ट ने इस संबंध में कहा कि दुकानों को खोलने या बंद करने के संबंध में राज्य सरकार को कोई आदेश नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह राज्य का नीतिगत मामला है, लेकिन सरकार को जरूर ब्रिक्री के दूसरे उपाय जैसे ऑनलाइन के बारे में भी एक बार विचार करना चाहिए. Also Read - Does alcohol protect against coronavirus? क्या कोरोना वायरस से बचाती है शराब? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ...