नई दिल्लीः पद से हटने के बावजूद नेताओं को सरकारी बंगले का मोह नहीं छुटता. कुछ ऐसा ही बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी आवास खाली करने के पटना हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली तेजस्वी यादव की याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया और उन्हें विपक्ष के नेता के लिए बने आवास में जाकर रहने का आदेश दिया.

चीफ जस्सिट रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता एवं जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. बिहार विधानसभा में विपक्ष के मौजूदा नेता यादव ने पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ यह याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के रहने के लिए बना सरकारी आवास को खाली करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दी थी.