पुणे: कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा रविवार को अयोग्य घोषित किए गए जद (एस) के बागी विधायक ए एच विश्वनाथ ने कहा कि फैसला ‘‘कानून के विरुद्ध’’ है और वह तथा अन्य असंतुष्ट विधायक सोमवार को उच्चतम न्यायालय से संपर्क करेंगे.Also Read - यह सरकार जनता के जनादेश की है, जो 2.5 साल पहले किन्हीं कारणों से नहीं बन पाई थी: सीएम एकनाथ शिंदे

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कर्नाटक: कांग्रेस-जेडीएस के 14 और बागी विधायक ठहराए गए अयोग्य, विधानसभा अध्यक्ष ने उठाया कदम Also Read - दिल्ली विधानसभा में विधायकों की वेतन वृद्धि का बिल पास, ये होगी नई सैलरी

विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने रविवार को दल-बदल निरोधक कानून के तहत 14 और विधायकों को 2023 में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक अयोग्य घोषित कर दिया जिनमें कांग्रेस के 11 और तीन जद (एस) के विधायक शामिल हैं. कुमार ने कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को बृहस्पतिवार को अयोग्य घोषित कर दिया था.

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विश्वनाथ ने फोन पर कहा, ‘‘अयोग्यता विधि विरुद्ध है…मात्र उन्हें जारी व्हिप के आधार पर आप विधायकों को सदन में आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते.’’ विधायक ने किसी अज्ञात स्थान से कहा, ‘‘अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ हम सोमवार को उच्चतम न्यायालय जा रहे हैं.’’ बता दें कि अब तक कुल 17 विधायक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए जा चुके हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले को बरकरार रखा तो 17 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे. विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को अयोग्य दल-बदल क़ानून के तहत ठहराया है.