Ramdev Baba Case: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पतंजलि आयुर्वेद, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन मामले से जुड़े अदालत की अवमानना मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया. जस्टिस हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने प्रमोटरों के खिलाफ कड़े शब्दों में टिप्पणियां कीं. हालांकि, दोनों को ही इस मामले में अब पेशी से छूट दे दी गई है.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जनता जागरूक है, अगर उनके पास विकल्प हैं तो वे अच्छी तरह से सूचित विकल्प चुनते हैं. बाबा रामदेव का बहुत प्रभाव है, इसका सही तरीके से इस्तेमाल करें. जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बाबा रामदेव ने योग के लिए अच्छा काम किया है तो सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिकूल टिप्पणी की. जस्टिस कोहली ने जवाब में कहा, ‘योग के लिए जो किया गया है वह अच्छा है, लेकिन पतंजलि प्रोडक्ट एक अलग मामला है.’
‘प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री रोक दी है’
बाबा रामदेव और बालकृष्ण की ओर से वरिष्ठ वकील बलबीर सिंह ने कोर्ट को बताया कि पतंजलि ने ऑफलाइन और ऑनलाइन बाजारों से प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री रोक दी है. सिंह ने कहा कि चैनलों सहित 500 स्थानों पर हमारे विज्ञापन चल रहे हैं. हम उनसे इसे कम करने के लिए कह रहे हैं. हम प्रतिबंधित उत्पादों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कोविड वैक्सिन अभियान और चिकित्सा की आधुनिक प्रणालियों के खिलाफ एक बदनामी अभियान का आरोप लगाया गया है.
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