नई दिल्ली: ओमप्रकाश वैद ज्ञानतारा नाम के एक आयुर्वेदिक वैद्य ने सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिक दायर कर यह कहा कि उसने कोरोना के इलाज की दवा की खोज कर ली है. इस बाबत वैद्य ने कोर्ट में याचिका के माध्यम से मांग की कि देशभर के सभी डॉक्टरों द्वारा और अस्पतालों में इसकी इस्तेमाल की जाए ताकि कोरोना वायरस को खत्म किया जा सके. Also Read - Covid-19 Vaccine Latest Updates: भारत में कब तक आएगी Coronavirus Vaccine? स्वास्थ्य मंत्री ने बताई समयसीमा

वैद्य के पास दवा और शल्यचिकित्सा की डिग्री है. उन्होंने अदालत से मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार के सचिव और स्वास्थ्य विभाग को कोरोनावायरस के इलाज के लिए इस आयुर्वेदिक दवाई के इस्तेमाल करने को लेकर आदेश जारी करे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत नाराजगी जाहिर करते हुए उलटा वैद्य पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया. कोर्ट ने कहा कि हमारा माना है कि ज्ञानतारा द्वारा दाखिल जनहित याचिका पूरी तरह से गलत है. Also Read - Sri Krishna Janmabhoomi Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को, जानें क्या है विवाद

कोर्ट ने कहा कि इस बाबत लोगों को संदेश जाना चाहिए कि इस तरह की बेतुकी जनहित याचिका कोर्ट में दाखिल नहीं करनी चाहिए. बता दें कि इससे पहले बाबा रामदेव ने कोरोनिल दवाई को लेकर ऐसा बयान दिया था कि कोरोना के इलाज के लिए उन्होंने दवाई बना ली है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया था. इसके बाद बाबा रामदेव ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि कोरोनिल दवाई इम्यूनिटी बूस्टर है. Also Read - क्या Moratorium Period के दौरान बैंक नहीं वसूलेंगे ब्याज? मोदी सरकार लेने जा रही ये फैसला