नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने माकपा और भाजपा की याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया. इनमें राज्य में पंचायत की उन 20,000 से अधिक सीटों पर चुनाव रद्द करने की मांग की गई थी जिन पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ था. Also Read - Schools Reopening: इस राज्‍य में नवंबर से खुलेंगे स्‍कूल, 9वीं से 12वीं, 6वीं से 8वीं कक्षा की तय हुईं तारीखें

उन सभी सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि उनके उम्मीदवारों को नामांकन पत्र भरने से रोका गया था. बहरहाल, उच्चतम न्यायालय ने इन आरोपों पर संज्ञान लिया और कहा कि असंतुष्ट उम्मीदवार संबंधित अदालतों में पंचायत चुनावों को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिकाएं दायर कर सकते हैं.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का इस्तेमाल किया और चुनाव याचिकायें दायर करने के लिए पंचायत चुनाव नतीजों की अधिसूचना की तारीख से शुरू होकर 30 दिन का समय दिया.