नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में भारत के प्रधान न्यायाधीश (Chief Justice of India) का पदभार संभालने के बाद जस्टिस रंजन गोगोई (Justice Ranjan Gogoi) के लिए आज का दिन बहुत अहम होगा. क्योंकि आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में कई बड़े चर्चित मामलों की सुनवाई होनी है, जिस पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं. इन महत्वपूर्ण मामलों में रोहिंग्या, गौतम नवलखा, आईपीएस संजीव भट्ट, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम और पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या जैसे केस शामिल हैं. इन सभी मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को ही सुनवाई होनी है. खासकर मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की नजरबंदी, रोहिंग्या और पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या जैसे मामलों की सुनवाई महत्वपूर्ण है. आइए डालते हैं इन मामलों पर एक नजर.

1. भीमा-कोरेगांव मामले में गौतम नवलखा समेत 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. बीते दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने नवलखा को नजरबंदी से राहत दे दी थी. हाईकोर्ट के इस फैसले को महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार की इसी याचिका पर सुनवाई करेगा, जिस पर देशभर की नजर टिकी है.

2. बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर दाखिल याचिका पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले को लेकर मीडिया में खबरें प्रकाशित करने पर रोक संबंधी पटना हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने इस मामले को लेकर खबरों के प्रकाशन पर लगाया प्रतिबंध हटा दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) को नोटिस जारी कर ऐसे अपराधों में रिपोर्टिंग के लिए गाइडलाइन बनाने में सहयोग मांगा था.

3. देश में बड़ी संख्या में घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों का मामला सबसे पेचीदा माना जा रहा है. राजनीतिक रूप से भी इस मामले पर सियासी दलों के बीच ज्यादा सरगर्मी देखी जा रही है. रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजने से रोकने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई कर सकता है. देश के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने इस केस को लेकर याचिका दाखिल कर सुनवाई की मांग की है.

4. गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को उनके पद से हटाने को लेकर उनकी पत्नी श्वेता भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. गुरुवार को उच्चतम न्यायालय इस मामले पर भी सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ता श्वेता भट्ट का आरोप था कि उन्हें अदालत जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि उनके पति को ऐसा नहीं करने दिया जा रहा है. इस पर देश की सर्वोच्च अदालत ने गुजरात सरकार को जमकर फटकार लगाई थी. श्वेता का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.

5. पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) से कराने का अनुरोध करने वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में अदालत ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार से जवाब तलब किया था.