नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के हटाए जाने के बाद से ही कश्मीर में कई नेताओं को नजरबंद करके रखा गया है. इन्हीं में एक नाम है महबूबा मुफ्ती का. महबूबा मुफ्ती अब भी नजरबंद हैं, बाकी अन्य नेताओं को छोड़ दिया गया है. इस मामले पर महबूबा की बेटी इल्तिजा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने पूछा कि केंद्र सरकार आखिर किस आदेश के तहत और कब तक महबूबा मुफ्ती को नजरबंद रखना चाहती है. Also Read - मध्य प्रदेशः युवती का गंभीर आरोप- '10 दिनों तक लॉकअप में रखकर 5 पुलिसकर्मी करते रहे रेप', जांच शुरू

इसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एक हफ्ते के भीतर केंद्र सरकार से इस बाबत जवाब की मांग की है. यही नहीं इस सुनवाई के दौरान इल्तिजा मुफ्ती औऱ उनके भाई को महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत भी दी गई. कोर्ट ने कहा कि कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए. हमेशा किसी को हिरासत में नहीं रखा जा सकता है. Also Read - भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों को एक मंच पर ला दिया, हम अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे: सज्जाद लोन

बता दें कि इल्तिजा मुफ्ती ने सुप्रीम कोर्ट में महबूबा मुफ्ती की लोक सुरक्षा कानून के तहत किए गए नजरबंद को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसी मामले पर कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये फैसले दिए गए. अपनी याचिका में इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि उनकी मां को अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया है. उन्हें PSA के तहत फरवरी महीने में हिरासत में लिया गया था और वे अब भी हिरासत में ही हैं. अपनी याचिका में इल्तिजा ने कई आधारों पर नजरबंद किए जाने को लेकर कोर्ट में चुनौती दी. इसी दौरान सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार के पूछा कि आखिर कि आदेश के तहत और कब तक केंद्र सरकार महबूबा मुफ्ती को नजरबंद रखना चाहती है.