नई दिल्ली: पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने 28 अगस्त को वायु प्रदूषण के चलते बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के मद्देनजर पूरे देश में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत ने याचिकाकर्ताओं, पटाखा निर्माताओं और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था. जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ी 10 बातें.

1.पूरे देश में पटाखों की बिक्री और जलाने पर पूरी तरह पाबंदी नहीं.
2.पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले यानी ग्रीन पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति. इससे देशभर में कम उत्सर्जन होगा.
3.दीपावली और अन्य त्योहारों पर पटाखे फोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रात आठ बजे से रात दस बजे तक का समय तय किया.
4.सुप्रीम कोर्ट ने फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों के लिए पटाखे बेचने पर रोक लगाई.
5.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ई-कॉमर्स वेबसाइटें अगर अदालत का फैसला नहीं मानती हैं तो उन्हें अदालत की अवमानना का जिम्मेदार माना जाएगा.
6.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बेच सकते हैं.
7.क्रिसमस और न्यू ईयर पर सिर्फ 20 मिनट ही फोड़ सकेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग
8.सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान ग्रुप में पटाखे छोड़े जाने को प्रोत्साहन देने के लिए कहा.
9.अगर किसी क्षेत्र में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री होती है तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
10. कोर्ट ने सभी राज्यों को त्योहारों के दौरान सामुदायिक रूप से पटाखे छोड़े जाने की व्यवहार्यता पर विचार करने का निर्देश दिया.