नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार यानी आज एक अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर उनके गृह राज्यों में भेजा जाए. साथ ही इनके प्रवासी मजदूरों को लिए 24 घंटे में श्रमिक ट्रेन की व्यवस्था की जाए. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

यही नहीं कोर्ट ने और भी कई अहम मुद्दों पर फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों पर दर्ज लॉकडाउन के उल्लंघन के मामलों को वापस लेने पर विचार किया जाए. साथ ही उनके लिए राज्य सहायता केंद्र भी बनाए जाएं ताकि उन्हें रोजगार आसानी से मिल सके और उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े. Also Read - कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना पर संदेह, इस अध्ययन में आई ये बात सामने 

गौरतलब है कि कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. साथ ही देश में लॉकडाउन के बाद से ही प्रवासी मजदूरों का मामला गरम है. यही नहीं कई जगहों पर प्रवासी मजदूरों द्वारा प्रदर्शन करने व पथराव करने की घटनाएं भी सामने आईं. इस कारण उनपर लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले भी दर्ज किए गए हैं. इसी कड़ी कोर्ट ने राज्यों को दोबारा इन दर्ज किए मामलो पर विचार करने को कहा है साथ प्रवासी मजदूरों को तत्काल उनके घरों की ओर भेजने को लेकर फैसला सुनाया है.