नई दिल्ली, 3 अगस्त। साल 2000 के शिक्षक भर्ती घोटाले में कैद की सजा भुगत रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के मुखिया ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला व कुछ अन्य दोषियों की आखिरी आस भी टूट गई है। सजा के खिलाफ इनकी याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने चौटाला और नौ अन्य लोगों की याचिका यह कहकर खारिज कर दी कि अदालत इनमें से किसी भी याचिका पर विचार नहीं करने जा रही है।

सुनवाई के दौरान चौटाला के वकील हरीश साल्वे ने घोटाले की जिम्मेदारी अधिकारियों पर डालनी चाही। उनका कहना था कि सरकार का फैसला सही था, लेकिन इसे लागू करने में गड़बड़ी की गई।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 मार्च को अपने फैसले में कहा था कि चौटाला पिता-पुत्र और नौ अन्य को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इन्होंने हरियाणा के युवाओं को धोखा दिया है।