नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों के मद्देनजर उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर आज कोर्ट में सुनवाई की गई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम मुद्दों को लेकर डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों को राहत दी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सर्कुलर जारी कर कहा कि डॉक्टरों के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी. साथ ही इनके वेतन की देखरेख चीफ सेकेट्री को करनी होगी. वरना कड़ी सजा दी जाएगी. Also Read - ENG vs WI: विंडीज ने 32 साल पहले जीती थी इंग्‍लैंड में आखिरी टेस्‍ट सीरीज, जानें क्‍या कहते हैं आंकड़े !

केंद्र सरकार की तरफ से बोलते हुए तुषार मेहता ने कहा कि डॉक्टरों को वेतन का भुगतान नहीं करना एक अपराध माना जाएगा. साथ ही कोर्ट ने आगे कहा कि क्वांरटीन नियमों का जो भी राज्य पालन न करे तो उस राज्य के मुख्य सचिव और अधिकारियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत धाराओं में कार्रवाई की जाए. Also Read - Coronavirus In India Update: 24 घंटे में 482 लोगों की मौत, 22 हजार से अधिक संक्रमित

कोर्ट ने आगे केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों के वेतन के भुगतान, रहने के लिए आवास और क्वांरटीन मामलों के मद्देनजर केंद्र सरकार शुक्रवार तक आदेश जारी करे. साथ ही केंद्र और राज्य की सरकारें यह सुनिश्चित करें की डॉक्टों और स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन में कटौती न की जाए. Also Read - इस दक्षिण अफ्रीकी पेसर ने गेंद को चमकाने का बताया नया फॉर्मूला, ICC लार पर लगा चुकी है बैन