Bulldozer एक्शन पर 'सुप्रीम रोक', 1 अक्टूबर तक तोड़फोड़ पर रोक लेकिन..., जानें राज्यों को निर्देश देते हुए कोर्ट ने क्या-क्या कहा...

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सार्वजनिक रोड, फुटपाथ, रेलवे लाइन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण है तो यह आदेश उस पर लागू नहीं होगा.

Published date india.com Updated: September 17, 2024 3:52 PM IST
Bulldozer Action. (Representational)
Bulldozer Action. (Representational)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 1 अक्टूबर तक बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Action) पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि बिना कोर्ट की इजाजत के इस दरम्यान कोई डिमोलिशन की कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सार्वजनिक रोड, फुटपाथ, रेलवे लाइन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण है, तो वो हटाया जा सकता है. उसके हटाये जाने पर कोई रोक नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बुलडोजर एक्शन पर राज्यों को निर्देश देते हुए कहा कि ‘बुल्डोजर न्याय का महिमामंडन बंद होना चाहिए. कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अतिक्रमण हटाएं. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर अवैध रूप से तोड़फोड़ का एक भी मामला है, तो यह हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह बात कही. न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने साफ किया कि उसका आदेश सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों आदि पर बने अनधिकृत ढांचों पर लागू नहीं होगा.

पीठ ने कहा, ‘यदि अवैध ध्वस्तीकरण का एक भी उदाहरण है…तो यह हमारे संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है.’ शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिनमें आरोप लगाया गया था कि कई राज्यों में आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि संपत्तियों के ध्वस्त करने का ‘विमर्श’ गढ़ा जा रहा है. पीठ ने वरिष्ठ विधि अधिकारी से कहा, ‘आप निश्चिंत रहें, बाहरी शोर हमें प्रभावित नहीं करता.’ पीठ ने मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को तय की है.

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