नई दिल्ली. आधार कार्ड को कल्याणकारी योजनाओं से लिंक किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी सरकार को फटकार मिली है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार की खिंचाई की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ममता बनर्जी को एक व्यक्ति के तौर पर अपील दायर करनी चाहिए थी. संसद द्वारा पारित कानून पर एक राज्य सवाल खड़ा नहीं कर सकता है.
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने पूछा है कि संघीय व्यवस्था में एक राज्य कैसे संसद के जनादेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल से कहा, ‘हम समझते हैं कि यह विचारणीय मुद्दा है, लेकिन आप हमें समझाएं कि एक राज्य इसे कैसे चुनौती दे सकता है.’
मोबाइल फोन नंबर को आधार से जोड़े जाने को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस भेजा है. कोर्ट ने केंद्र से 4 हफ्ते में जवाब तलब किया है. बता दें कि विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के केंद्र के कदम को ममता बनर्जी नीत पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. न्यायामूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की दो सदस्यीय खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की.
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं संसद सदस्य कल्याण बनर्जी ने बताया था कि कि याचिका पहले ही दायर की गई थी और पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए यह 30 अक्तूबर को आएगी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उस प्रावधान को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि आधार के बगैर समाज कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा.
गौरतलब है कि बुधवार को कोलकाता में एक बैठक में मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आधार को मोबाइल फोन नंबर से जोड़े जाने का भी विरोध करते हुए कहा था, ‘आधार नंबर को किसी के मोबाइल फोन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए. मैं अपने आधार नंबर को अपने मोबाइल से नहीं जोड़ूंगी, मेरा कनेक्शन कट जाए तो भी नहीं.’
हालांकि कल्याण बनर्जी ने बताया कि आधार-मोबाइल मुद्दा राज्य सरकार की याचिका का हिस्सा नहीं है. गौरतलब है कि कल्याण योजनाओं के लिए आधार अनिवार्य किए जाने के केंद्र के कदम और इसे मोबाइल नंबर तथा बैंक खाते से जोड़े जाने की अधिसूचनाओं के खिलाफ कई याचिकाएं शीर्ष न्यायालय में लंबित हैं.
(पीटीआई से प्राप्त जानकारी के साथ)
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