नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भूजल स्तर गिरने को गंभीर मुद्दा करार देते हुए उच्चतम न्यायालय ने इस समस्या से निबटने के लिए कोई कदम नहीं उठाने पर केन्द्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों को बुधवार को आड़े हाथ लिया. शीर्ष अदालत ने कहा कि सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक बुद्धिमान था क्योंकि उसने राजधानी यहां से स्थानान्तरित करने का प्रयास किया.

शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं. उन्होंने जल संसाधन मंत्रालय पर उसके हलफनामे को लेकर कटाक्ष करने पर कहा कि दिल्ली की जल की समस्या पर स्कूल का बच्चा या सड़क पर चलता व्यक्ति भी निबंध लिख सकता है.

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘‘क्या आपने नीति आयोग की रिपोर्ट देखी है? यह कहती है कि दिल्ली में भूजल नहीं है, यहां प्रदूषण है. संभवत : आप राजधानी स्थानान्तरित करें. भूजल कहां से आएगा.’’ पीठ ने कहा, ‘‘मुहम्मद बिन तुगलक बुद्धिमान था और 400 साल पहले उसने दिल्ली से राजधानी स्थानान्तरित की.’’

तुगलक 1325 से 1351 तक दिल्ली का सुल्तान था. उसने बाहरी आक्रमण के डर से 1327 में अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (अब महाराष्ट्र में) स्थानान्तरित की थी. हालांकि बंगाल सहित पूरे साम्राज्य के कई भागों में विद्रोह और बीमारी के कारण वह 1335 में राजधानी वापस दिल्ली लाने के लिये मजबूर हुआ.

पीठ ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण, जल के अभाव, यमुना नदी के सूखने जैसी गंभीर समस्याएं हैं और अधिकारी इनसे निपटने में नाकाम हैं. पीठ ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 2021 तक भूजल बिल्कुल नहीं बचेगा जिसका मतलब यह है कि लोग यहां जिंदा नहीं रह सकते.

(इनपुट: एजेंसी)