नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के विवादित राम मंदिर में पूजा करने का अपना मौलिक अधिकार लागू करने की मांग करने वाली सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मंगलवार को इनकार कर दिया. न्यायालय ने स्वामी से कहा कि वह याचिका का बाद में उल्लेख करें.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने विवाद के संबंध में स्वामी की याचिका को तुरंत सूचीबद्ध किये जाने और उसपर सुनवाई के अनुरोध पर विचार करने के बाद कहा कि ‘‘आप बाद में इसका उल्लेख करें.’’

स्वामी ने कहा कि ‘बाद में’ शब्द बहुत ही विस्तृत अर्थ वाला है और वह 15 दिन बाद फिर से इस याचिका को रखेंगे. उच्चतम न्यायालय स्वामी की ऐसी ही अपील पहले भी अस्वीकृत कर चुका है.