नई दिल्लीः CBI vs CBI विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तगड़ा झटका दिया है. शीर्ष अदालत ने CBI के निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के केंद्र के आदेश को निरस्त कर दिया है. उसने आलोक वर्मा को ड्यूटी ज्वाइन करने को भी कहा है. CBI के निदेशक आलोक कुमार वर्मा और ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का निर्णय किया था. दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि आलोक वर्मा जांच जारी रहने तक कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं. वह CBI के निदेशक बने रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि आलोक वर्मा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले सरकार को नियुक्ति समिति से राय लेनी चाहिए थी.

वर्मा ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के एक और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दो सहित 23 अक्टूबर 2018 के कुल तीन आदेशों को निरस्त करने की मांग की थी. उनका आरोप था कि ये आदेश क्षेत्राधिकार के बिना तथा संविधान के अनुच्छेदों 14, 19 और 21 का उल्लंघन करके जारी किए गए. केन्द्र ने इसके साथ ही 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी एवं ब्यूरो के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को जांच एजेन्सी के निदेशक का अस्थाई कार्यभार सौंप दिया था.