Supreme Court On Farers Protest: किसान आंदोलन के मद्देनजर किसानों को हटाने की मांग वाली सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में टल गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत टिप्पणी की है. किसानों द्वारा हाईवे जामकर करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसानों को विरोध करने का अधिकार है लेकिन सड़कों को अनिश्चितकाल तक के लिए अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने किसान यूनियनों को इस याचिका पर जवाब देने को कहा है. बता दें कि इस मामले पर अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी.Also Read - Supreme Court On DMRC: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की DMRC की समीक्षा याचिका, रिलायंस इंफ्रा की याचिका पर 6 दिसंबर को होगी सुनवाई

याचिका में याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाले सड़के किसान प्रदर्शन के कारण बंद हैं. इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस कारण याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि इन रास्तों को खोला जाए. गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर कहा था कि जब मामला कोर्ट में आ चुका है तो किसानों को सुप्रीम कोर्ट व न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए. Also Read - Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण के बीच खुले स्कूल, सुप्रीम कोर्ट ने AAP सरकार से किया सवाल

बता दें कि बीते दिनों कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि किसानों द्वारा प्रदर्शन करने में किसी प्रकार की बुराई नहीं है लेकिन सड़कें ब्लॉक नहीं होनी चाहिए. बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से किसान गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीते दिनों भारत बंद और रेल रोको अभियान भी चलाया गया था. Also Read - Farmers Protest: क्या खत्म हो जाएगा आंदोलन? सरकार ने MSP और दूसरी मांग पर चर्चा के लिए किसान नेताओं से मांगे 5 नाम