By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- India Hindi
- Supreme Court Reserves Judgement On Plea Of P Chidambaram Against Order Of Delhi High Court That Dismissed His Bail Plea In Inx Media Case
INX मीडिया भ्रष्टाचार केस में चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला बाद में
आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत देने से इंकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कांग्रेस नेता की अपील पर शीर्ष अदालत में सुनवाई पूरी. फैसला बाद में सुनाया जायेगा.
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत देने से इंकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कांग्रेस नेता की अपील पर शुक्रवार को शीर्ष अदालत में सुनवाई पूरी हो गयी. इस मामले मे फैसला बाद में सुनाया जायेगा. न्यायमूर्ति आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो और चिदंबरम की ओर से दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा.
Supreme Court reserves judgement on a plea of Congress leader P Chidambaram against the order of Delhi High Court that dismissed his bail plea in the INX media case.
— ANI (@ANI) October 18, 2019
इस बीच सीबीआई ने पीठ को सूचित किया कि इस मामले में पी चिदंबरम, उनके पुत्र कार्ति और कुछ कंपनियों सहित 15 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है. सीबीआई की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुये कहा कि देश को अब भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने की आवश्यकता है. उन्होने कहा कि इस मामले में जांच में चिदंबरम के खिलाफ जालसाजी का अपराध भी बना है. सालिसीटर जनरल ने कहा कि इस मामले में आगे जांच चल रही है और सिंगापुर तथा मारीशस को भेजे गये अनुरोध पत्र पर जवाब की प्रतीक्षा है.
INX मीडिया केस: कोर्ट ने पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा
मेहता ने कहा कि गवाहों को डराने के लिये चिदंबरम की ‘सिर्फ उपस्थिति’ ही काफी है. इसलिए उन्हें मुख्य गवाहों से पूछताछ पूरी होने तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए. मेहता ने पीठ से कहा कि हम ऐसा वक्त देख रहे हैं जिसमे आर्थिक अपराधों के आरोपी देश छोड़कर भाग रहे हैं. एक राष्ट्र के रूप में हम इस समस्या का सामना कर रहे हैं. चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मेहता के कथन का प्रतिवाद किया और कहा कि इस पूर्व मंत्री द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की जांच एजेन्सी की आशंका गलत और निराधार है. सीबीआई ने 74 वर्षीय चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था. वह इस समय भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं.
भाजपा पर कांग्रेस ने लगाया आरोप, कहा- हमारे नेताओं की आवाजाही पर पांबदी लगा रही सरकार
वित्त मंत्री के रूप में पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 मे विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड द्वारा आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रूपए के विदेशी निवेश की मंजूरी देने में हुये कथित अनियमित्ताओं के संबंध में सीबीआई ने 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने भी धन शोधन के आरोप में एक मामला दर्ज किया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 30 सितंबर के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. उच्च न्यायालय ने चिदंबरम को जमानत देने से इंकार कर दिया था. (इनपुट एजेंसी)
Also Read:
-
क्या सरकारी एग्जाम की तय डेट बढ़ाने की मांग कर सकते हैं एस्पिरेंट? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया
-
बहस में गाली देना जुर्म है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दी तस्वीर, सुनाया बड़ा फैसला
-
आप इतने बड़े नहीं हो गए, जमीन पर रहिए... आखिर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव पर क्यों SC ने क्यों लगाई फटकार
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें