अरावली की पहाड़ियों में अगले आदेश तक 4 राज्यों की खनन गतिविधियों पर रोक, SC का आदेश

Supreme Court News: अरावली की पहाड़ियों में खनन से जुड़े मामले को लेकर कोर्ट ने एक समिति के गठन का आदेश दिया. जो दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी.

Published date india.com Published: May 9, 2024 10:21 PM IST
अरावली की पहाड़ियों में अगले आदेश तक 4 राज्यों की खनन गतिविधियों पर रोक, SC का आदेश

Aravalli Hills Mining: अरावली की पहाड़ियों में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बृहस्पतिवार को बड़ा आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि अरावली की रक्षा की जानी चाहिए और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को अगले आदेश तक पहाड़ी क्षेत्र में खनन गतिविधियों के लिए अंतिम अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया.

पीठ ने कहा कि उसके आदेश को किसी भी तरह से वैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के रूप में नहीं माना जाएगा जो पहले से ही वैध परमिट और लाइसेंस के अनुसार की जा रही हैं.

चार राज्यों के लिए आदेश जारी

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.एस. ओका की पीठ ने कहा, ‘हम सभी चार राज्यों (जिनसे होकर पहाड़ी श्रृंखला गुजरती है) के लिए यह आदेश पारित कर रहे हैं.’ इसने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आदेश केवल अरावली पहाड़ियों और इसकी श्रृंखलाओं में खनन तक ही सीमित है.

कोर्ट ने क्या कुछ कहा?

पीठ ने कहा, ‘अगले आदेश तक, हालांकि वे सभी राज्य जहां अरावली पर्वतश्रृंखला स्थित हैं, खनन पट्टों के अनुदान के लिए आवेदन पर विचार और आगे की प्रक्रिया तथा उनके नवीनीकरण के लिए स्वतंत्र होंगे. लेकिन एफएसआई (भारतीय वन सर्वेक्षण) रिपोर्ट में जैसा परिभाषित है उसके अनुसार, अरावली पहाड़ियों में खनन के लिए कोई अंतिम अनुमति नहीं दी जाएगी.’

न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट में राजस्थान राज्य भर में की गई विभिन्न अवैध खनन गतिविधियों की ओर इशारा किया गया है और अवैध खनन के तहत क्षेत्र के संबंध में जिलेवार विवरण भी दिया गया है.

समिति के गठन का आदेश दिया

उसने पाया कि प्रमुख मुद्दों में से एक विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई अरावली पहाड़ियों और श्रृंखलाओं की विभिन्न परिभाषाओं के संबंध में था. पीठ ने अरावली पहाड़ियों और श्रृंखलाओं की एक समान परिभाषा पर पहुंचने के लिए एक समिति के गठन का आदेश दिया.

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अगली सुनवाई अगस्त में

न्यायालय ने कहा है कि समिति में अन्य लोगों के अलावा, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव, इन सभी चार राज्यों के वन सचिव और एफएसआई और सीईसी के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे. पीठ ने कहा कि समिति दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. न्यायालय इस मामले में आगे की सुनवाई अगस्त में करेगा.

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