नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केरल सरकार द्वारा गठित उपसमिति से कहा कि मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर तीन फुट कम करने की संभावनाओं को तलाशा जाए. Also Read - आर्मी में वुमन ऑफिसर्स के स्थायी कमीशन का मामला: SC ने केंद्र को दिया एक माह का समय

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प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने केरल और तमिलनाडु सरकार से कहा कि विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और बांध का जल स्तर 142 फुट से घटाकर 139 फुट करने के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशों का पालन करें. पीठ ने कहा कि वह इस तरह की गंभीर प्राकृतिक आपदा से निपटने में विशेषज्ञ नहीं है और आपदा पर काबू पाने का मामला कार्यपालिका पर छोड़ रही है. शीर्ष अदालत ने केरल सरकार को आपदा प्रबंधन और पुनर्वास उपायों के बारे में उठाये गये कदमों पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया.

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बारिश के चलते अब तक 167 से अधिक की हो चुकी है मौत

दक्षिण भारत के इस राज्य में मानसून की विभीषिका में अब तक 167 से अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है जबकि बारिश और बाढ़ से फसलों और अन्य संपत्तियों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है. बारिश और मुल्लापेरियार, चेरूथोनी, इडुक्की जलाशय तथा ईदमलायर जलाशय के एक हिस्से सहित सारे बड़ें बांधों के दरवाजे खोले जाने की वजह से पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ने से निचले इलाके के लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.