नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कृषि कानूनों (Farm Laws) पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही अलग से एक कमेटी गठित की है. कमेटी चार सदस्यीय है. वहीं, किसानों और किसान नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर असंतुष्टि जाहिर की है. किसान नेताओं ने कहा कि इस कमेटी के तीन सदस्य तो पहले कृषि कानूनों और खुले बाज़ार के पक्ष में हैं. ये सदस्य पहले भी कृषि कानूनों के पक्ष में बयान देते रहे हैं.Also Read - Covid Vaccination: टीकाकरण को लेकर Supreme Court में सरकार का जवाब, मर्जी के बिना टीका नहीं लग सकता

किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि देश का किसान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इस फैसले से निराश है. राकेश टिकैत ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सभी सदस्य खुली बाजार व्यवस्था या कानून के समर्थक रहे हैं. अशोक गुलाटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने ही इन कानून को लाये जाने की सिफारिश की थी. देश का किसान इस फैसले से निराश है.’ Also Read - UP Assembly Election 2022: समाजवादी पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग, नाहिद हसन की उम्मीदवारी पर घिरी सपा

राकेश टिकैत ने एक और ट्वीट करते हुए कहा कि ‘किसानों का मांग कानून को रद्द करने व न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानून बनाने की है. जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन (Kisan Andolan) जारी रहेगा. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर कल संयुक्त मोर्चा आगे की रणनीति की घोषणा करेगा.’ Also Read - OBC Reservation: निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, गरमाई मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की राजनीति

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कृषि कानूनों (New Farm Laws) पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों (Farm Laws) की समीक्षा के लिए कमेटी गठित की है. सुप्रीम कोर्ट ने सख्त सुख अपनाते हुए केंद्र सरकार द्वारा लाये गये तीनों कानूनों पर रोक लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर ये रोक अनिश्चितकालीन के लिए लगा (Supreme Court stays the implementation of farm laws) दी है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इस बड़े फैसले के बाद किसान नेताओं (Farmers Leaders) और किसानों ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद वही रुख दिखाया है, जो पहले था.