गुजरात: राज्य में मास्क नहीं पहनने वाले लोगों से सरकार ने 90 करोड़ रुपये वसूले हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में मास्क नहीं पहनने वालों से अब तक 90 करोड़ रुपये वसूले जाने पर हैरानी जताई है और कहा है कि, सरकार ने जुर्माने के तौर पर इतनी मोटी रकम तो हासिल कर ली, लेकिन कोविड-19 के दिशानिर्देशों को लागू नहीं करवा पा रही है. ये तो हद है.Also Read - स्पाइसजेट को मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर 3 सप्ताह के लिए लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस सुभाष आर रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने मंगलवार को अस्पतालों में कोरोना मरीजों के ठीक से इलाज और कोरोना से हुई मौत के बाद उन शवों के साथ गरिमामय व्यवहार को लेकर स्वत: की जा रही सुनवाई की. इस दौरान पीठ ने गुजरात सरकार से सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी दिशानिर्देशों के अनुपालन के बारे में जानना चाहा. Also Read - Maharashtra News: 12 भाजपा विधायकों के निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "निलंबित करने का प्रस्ताव असंवैधानिक है"

इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, भारी जुर्माना ही इसका हल है. 500 रुपये जुर्माने से लोगों पर असर नहीं हो रहा है और जिसकी वजह से वे नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. इस दौरान जस्टिस शाह ने कहा कि बड़ी संख्या में शादी समारोह हो रहे हैं. इस पर मेहता ने कहा कि गुजरात में शुभ मुहूर्त वाले दिन फिलहाल खत्म हो गए हैं. इस पर जस्टिस शाह ने कहा एनआरआई के लिए शुभ मुहूर्त वाला दिन कुछ नहीं होता. Also Read - Supreme Court: सरकारी नौकरियों में SC/ST को प्रोमोशन में आरक्षण पर कोर्ट का फैसला-मानकों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे

मालूम हो कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो लोग सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं लगा रहे हैं वह वास्तव में दूसरे लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं.

इससे पहले भी कोर्ट ने केंद्र सरकार ने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने की बात कही थी. कोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा था कि लोग भीड़ लगा रहे हैं, मास्क नहीं पहन रहे हैं. ऐसे में सख्ती बरतनी होगी.