Supreme Court Three Major Rules Changes Cji Surya Kant Taken Three Strict Decisions
Justice Delayed No More! पद संभालते ही CJI सूर्यकांत के 3 धमाकेदार फैसले, आज से बदल गए कोर्ट के ये नियम
Supreme Court Rules Change: भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI एनवी सूर्यकांत ने पद संभालते ही तीन बड़े फैसलों के जरिए कोर्ट के कामकाज में बदलाव का ऐलान किया है. इन फैसलों का उद्देश्य लंबित मामलों की प्रक्रिया को तेज करना और तारीखों पर अनावश्यक देरी को खत्म करना है.
Supreme Court 3 Major Rules Changed: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मामलों की त्वरित लिस्टिंग, स्थगन (Adjournments) और जल्दी सुनवाई की प्रक्रिया में बड़े बदलावों की घोषणा की है. इसमें सीनियर एडवोकेट्स को मामले सूचीबद्ध करने के लिए मेंशन करने से पूरी तरह रोक भी शामिल है. इन नए नियमों के लिए चार सर्कुलर जारी किए गए हैं, जो 1 दिसंबर 2025 से लागू होंगे.
ये कदम CJI एनवी सूर्यकांत के पदभार संभालने के कुछ ही दिन बाद उठाए गए हैं, और इनका उद्देश्य है कि बिना नियंत्रण के मेंशन कम हो, मुकदमों के लिए निश्चित समय सीमा बने और खासकर व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में तेज सुनवाई हो.
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं
CJI और बेंच में मेंशन पर पाबंदी
सीनियर एडवोकेट्स अब किसी भी बेंच में मामले मेंशन नहीं कर सकेंगे.
मेंशन अब ज्यूनियर या नए एडवोकेट्स करेंगे.
निजी स्वतंत्रता या तात्कालिक राहत (Urgent Interim Relief) वाले सभी नए मामलों की स्वचालित लिस्टिंग होगी, यानी इनमें मेंशन की आवश्यकता नहीं होगी.
किन मामलों में स्वचालित लिस्टिंग होगी
नियमित बेल, एंटिसिपेटरी बेल, बेल रद्द करने के मामले
डेथ पेनल्टी से जुड़ी राहत
हैबियस कॉर्पस (Habeas Corpus)
निकासी (Eviction) या बेदखली से राहत
निर्माण, ध्वस्तीकरण (Demolition) से सुरक्षा
कोई भी तत्काल अंतरिम आदेश
ये मामले जांच के दो कार्यदिवसों के भीतर सूचीबद्ध किए जाएंगे. एडवोकेट्स को मेंशन स्लॉट के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ेगी.
बेल मामलों में अग्रिम सेवा (Advance Service) जरूरी
बेल पिटीशन रजिस्टर करने के बाद एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को तुरंत राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या भारत सरकार के नोडल अधिकारी/स्टैंडिंग काउंसल को अग्रिम प्रति भेजनी होगी.
सेवा का प्रमाण जमा किए बिना मामला सत्यापित या सूचीबद्ध नहीं होगा.
अन्य मामलों में मेंशन प्रक्रिया
मेंशन प्रपत्र और तात्कालिकता पत्र अगले कार्यदिवस की दोपहर 3 बजे (शनिवार को 11:30 बजे) तक जमा करना होगा.
मेंशन अधिकारी मामले की स्थिति जांच कर इसे रजिस्ट्रार (Judicial Listing) के पास भेजेंगे.
अत्यंत तात्कालिक मामलों (एंटिसिपेटरी बेल, डेथ पेनल्टी, हैबियस कॉर्पस, निकासी, ध्वस्तीकरण) को सुबह 10:30 बजे तक जमा किया जा सकता है, अगर सामान्य मेंशन समय पर्याप्त न हो.
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