नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली कई सारी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. जम्मू कश्मीर में संचार पर पाबंदियों सहित अन्य प्रतिबंधों को हटाने की मांग करते हुए ये याचिकाएं दायर की गई हैं. दरअसल, संचार पर पाबंदियां पत्रकारों के पेशेवर कर्तव्यों को पूरा करने की राह में बाधक बन रही हैं. इस बीच केंद्र के फैसले के बाद राज्य में फैले तनाव के बीच ने दावा किया है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने दावा किया है कि घाटी में कुछ इलाकों को छोड़कर बाकी जगहों पर हालात सामान्य हैं. केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि राजग सरकार के फैसले को देशहित में बताते हुए कहा कि कुछ जिलों को छोड़कर कश्मीर घाटी में कुल मिलाकर हालात “सामान्य” हैं.

जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई वकीलों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका दायर की है. अनुच्छेद 370 रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका अधिवक्ता एमएल शर्मा ने दायर की है. वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने जम्मू कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में केंद्र द्वारा किए गए बदलावों को चुनौती दी है. पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार जैसे प्रख्यात हस्तियों सहित अन्य भी इसमें शामिल हैं.

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माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी एक याचिका दायर कर अपनी पार्टी के नेता मोहम्मद तारिगामी को पेश करने की मांग की है, जिन्हें अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है. अनुच्छेद 370 से जुड़े सभी विषय और इसके बाद के घटनाक्रम प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं.

इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि जिन इलाकों में पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं. घाटी में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बहाल करने के लिए कोशिशें की जा रही हैं. राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक सेहरीश असगर ने कहा कि और अधिक इलाकों में लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन को बहाल करने के लिए घाटी में और भी टेलीफोन एक्सचेंज खोलने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. व्यापारिक प्रतिष्ठान कब खुलने संबंधी सवाल पर असगर ने कहा, ‘‘जहां-जहां पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें खोली जा सकती हैं.’’

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सेहरीश असगर ने यह भी बताया कि घाटी में उन इलाकों में उच्च विद्यालय बुधवार से खुलेंगे, जहां पाबंदियां हटा दी गई हैं. उन्होंने कहा कि घाटी में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय खुल गए हैं और पिछले कुछ दिनों में उनमें छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ी है. स्कूलों की स्थिति के बारे में शिक्षा निदेशक, कश्मीर युनिस मलिक ने बताया कि घाटी में 3037 प्राथमिक विद्यालय और 774 माध्यमिक विद्यालय फिर से खुल गये हैं. शिक्षकों की उपस्थिति में भी वृद्धि हुई है.

(इनपुट – एजेंसी)