नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को परखने का आग्रह करने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई में एक पीठ द्वारा 144 याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी. इन याचिकाओं में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और कांग्रेस नेता जयराम रमेश की याचिकाएं भी शामिल हैं.

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इसी पीठ ने 18 दिसंबर को विभिन्न याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 दिसंबर को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को मंजूरी दी थी जिससे यह कानून बन गया था. नागरिकता कानून के खिलाफ केरल सरकार, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, आरजेडी नेता मनोज झा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत लगभग 144 याचिकाएं दाखिल की गई हैं.

संशोधित कानून के अनुसार धार्मिक प्रताड़ना के चलते 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी.