नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि बलात्कार के एक मामले में भाजपा के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के संबंध में वह अगले हफ्ते विचार करेगा. Also Read - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा- वकीलों के लिए किसी ने कुछ किया या नहीं, वो भी मुश्किल में हैं

मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्साल्वेस ने बताया कि चिन्मयानंद को इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के आदेश को इस याचिका में चुनौती दी गई है. पीठ ने कहा कि याचिका को सूचीबद्ध करने के बारे में वह अगले हफ्ते विचार करेगी. चिन्मयानंद को पिछले वर्ष 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. उसका न्यास शाहजहांपुर लॉ कॉलेज का संचालन करता है. उसी कॉलेज में पीड़िता पढ़ती थी. चिन्मयानंद ने कथित तौर पर उसका बलात्कार किया था. लॉ की 23 वर्षीय छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाली थी, उसके बाद पिछले वर्ष अगस्त में कुछ दिन तक उसका कोई पता नहीं लगा था जिसके बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में दखल दिया था. Also Read - COVID-19: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- निजी लैब्स में भी मुफ्त में हो कोरोना की टेस्टिंग

शीर्ष अदालत के निर्देश पर गठित उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी को उसे जमानत दे दी थी. पीड़ित छात्रा के खिलाफ भी शिकायत मिली थी कि उसने और उसके दोस्तों ने कथित तौर पर चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की उगाही करने की कोशिश की थी. उसने पूर्व मंत्री के मालिश करवाते वीडियो सार्वजनिक करने की भी कथित धमकी दी थी. इसके बाद एसआईटी ने छात्रा को भी गिरफ्तार कर लिया था. Also Read - कोरोना वायरस के बारे में सही सूचना के लिये 24 घंटे में पोर्टल बनाये केन्द्र: सुप्रीम कोर्ट